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  प्रतिवेदन 2009

     

सामान्य प्रशासन विभाग के कार्य

सामान्य प्रशासन विभाग का गठन वर्ष 1911 से पूर्व का होना पाया जाता है। विभाग द्वारा मिलिटरी एवं डाक तार विभागों के लिये भूमि अधिग्रहण, उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद, अर्न्तराज्यीय परिषद, मध्य क्षेत्रीय परिषद, सिविल सैन्य सम्मेलन, सेना द्वारा युद्धाभ्यास, गोला चलाने, तोप दागने हेतु क्षेत्र अधिसूचित करना, सार्वजनिक अवकाशो की धोषणा, लोक सभा/राज्य विधान सभा तथा पंचायत चुनाव के सामान्य तथा उप निर्वाचनो में अवकाश की धोषणा, सैनिक रंगरूटों का पूर्ववृत्त एवं चरित्र सत्यापन, गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर छुट्टी/राजकीय शोक, भारतीय झंडा संहिता, कैसर बाग कोठियॉ, रामलीला का व्यय तथा धार्मिक संस्थाओं के लिए अनुदान, वीरता पुरस्कार के अन्तर्गत जीवन रक्षा पदक, अशोक चक्र श्रखला के पुरस्कार, महारानी अहिल्याबाई पुरस्कार, शासन स्तर पर विदेशो मे भेजे जाने वाले व्यक्तियों के प्रमाण-पत्र के सत्यापन, डोमीसाईल/स्थायी प्रमाण-पत्र, ग्रीष्म रितु में न्यायालयों के समय का निर्धारण आदि के कार्य किये जाते है।

2-  उपर्युक्त अंकित कार्यों में से मुख्य कार्य निम्नवत्‌ है :-

 (1) विदेशो को भेजे जाने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन :

विभिन्न प्रकार के रोजगार आदि प्राप्त करने के लिए प्रदेश के बहुत से लोग विदेशो में जाते हैं, जहॉ उन्हें जन्म प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, निकाहनामा, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, पावर आफ एटार्नी एवं मृत्यु आदि के प्रमाण पत्रों के सत्यापन की आवशयकता होती है। ऐसे प्रमाण पत्रों को जिलाधिकारी द्वारा सत्यापनोंपरान्त शासन स्तर से सत्यापित किया जाता है। सत्यापन संबंधी प्रकरणों की व्यवस्था शासनादेश दिनांक 10-10-2005 से निर्धारित है, जो विभागकी वेबसाईट www.up.gad.nic.in पर उपलब्ध है। इस हेतु समय-समय पर निर्देश निर्गत किये जाते हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2008-09 में सत्यापन संबंधी लगभग 750 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

 

(2) डोमीसाइल/स्थायी निवास प्रमाण पत्र :

प्रदेश के विभिन्न जनपदों से शासन से स्थायी निवास प्रमाण पत्र/ डोमीसाइल प्रमाण पत्र जारी किये जाने के बारे में मार्गदर्शन की अपेक्षा  की जाती है। डोमीसाइल/स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी करने का प्रकरण राज्य सरकार के अंतर्गत है तथा एक निच्च्िचत उद्देश्य, मुख्य रूप स्प से शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश तथा रोजगार आदि पाने के लिए प्राप्त किया जाता है।

 (3) वीरता पुरस्कार :

  (क)   जीवन रक्षा पदक :

यह पदक प्रदेश सरकार की संस्तुति पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऐसे नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जल में डूबते हुए, आग/खानों में बचाव कार्य के दौरान मानव जीवन की रक्षा की हो। इस पुरस्कार के अंतर्गत तीन प्रकार के रक्षा पदक प्रदान किये जाते हैं, जिनका विवरण निम्नवत्‌   है :-

(1)  सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक

(2)  उत्तम जीवन रक्षा पदक

(3)  जीवन रक्षा पदक

वर्तमान में भारत सरकार द्वारा सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 75,000/-, उत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 45,000/- तथा जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 30,000/- की धनराच्चि प्रदान की जाती है। उपरोक्त के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा पदकधारकों को अतिरिक्त धनराशि के रूप में सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 5,000/-, उत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 2,000/- तथा जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 1,000/- की धनराशि दी जाती है।

उपरोक्त के अतिरिक्त पुरस्कार प्राप्तकर्ता के पुत्र/पुत्री दोनों को ही और यदि पदक प्राप्तकर्ता स्वयं बालक या बालिका है, तो उसे स्नातक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। पुरस्कृत व्यक्ति यदि वयस्क नागरिक हो, और बेरोजगार हो तो लोक सेवा आयोग की विचार क्षेत्र के बाहर समूह ' अथवा ' के पद पर निर्धारित आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट दी जाती है। इस प्रकार यदि ऐसे व्यक्ति अन्यथा अर्ह हो तो उन्हें अन्य व्यक्तियों की तुलना में वरीयता में सेवायोजित किया जाता है।

जीवन रक्षा पदक श्रृंखला के अन्तर्गत वर्ष 2001, 2002 एवं 2003 मे एक-एक व्यक्ति को, वर्ष 2004 में तीन व्यक्तियो को, 2005 में चार व्यक्तियों को तथा वर्ष 2006 में एक व्यक्ति पुरस्कृत किया गया। इस पुरस्कार हेतु वित्तीय वर्ष 2007-08 हेतु श्री सुभाष कुमार, चिनहट, जनपद लखनऊ को भारत सरकार द्वारा नामित किया गया है, जिन्हें पुरस्कार दिया जाना प्रस्तावित है।

 

 

 (ख)    अशोक चक्र श्रृंखला :

इस श्रृंखला में अशोक चक्र, कीर्ति चर्क एवं शौर्य चक्र पुरस्कार भारत सरकार द्वारा ऐसे व्यक्तियों को प्रदान किये जाते हैं, जिन्होने अभूतपूर्व वीरता, शौर्य का कार्य किया हो अथवा अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो। वीरता के इस पुरस्कार में जल, थल तथा वायु सेना, प्रादेशिक सेना आदि के सभी रैंकों के अधिकारी/कर्मचारी, सच्चस्त्र सेनाओं का नर्सिंग स्टाफ तथा पुलिस एवं अग्नि शमन सेवाओं को छोड़कर सभी नागरिकों को पुरस्कार दिया जाता है। उक्त पुरस्कार के अंतर्गत पूर्व में राज्य सरकार द्वारा अशोक चक्र श्रृंखला के पुरस्कारों हेतु एकमुश्त धनराशि-अशोक चक्र हेतु रू0 40,000/-, कीर्ति चक्र हेतु रू0 25,000/- तथा शौर्य चक्र हेतु रू0 10,000/- तथा वार्षिकी के रूप में क्रमशः रू0 400/-, 300/- तथा 200/- की धनराशि प्रदान की जाती रही है। जिसे इस वर्ष दिनांक 25-9-2008 को राज्य सरकार द्वारा आयोजित सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन, 2008 के दृष्टिगत बढ़ाकर क्रमशः अशोक चक्र हेतु 25 लाख, कीर्ति चक्र हेतु रू0 15 लाख तथा शौर्य चक्र हेतु रू0 10 लाख तथा वार्षिकी के रूप में क्रमशः रू0 1,20,000/-, रू0 1,00,000/- तथा 50,000/- कर दिया गया है। इस हेतु दिनांक 21-9-2008 को शासनादेच्च भी निर्गत कर दिया गया है, जो विभाग की वेबसाईट पर भी उपलब्ध है।

  (ग)   महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार :

इन पुरस्कारों की स्थापना राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2003 में की गयी थी। महारानी अहिल्या बाई होल्कर पुरस्कार के अंतर्गत खेलकूद, साहित्य तथा वीरता से संबंधित व्यक्तियों को पुरस्कार दिये जाते हैं। इस पुरस्कार में रू. 1,00,000 की धनराशि तथा एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार के अंतर्गत उक्त श्रेणी से संबंधित व्यक्तियों का चयन मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेच्च शासन की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जाता है। अब तक महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार हेतु कुल 03 व्यक्तियों को पुरस्कार दिया जा चुका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2008-09 में इस पुरस्कार हेतु चयन किया जाना शेष है।

(4) लखनऊ स्थित केसरबाग कोठियॉ :

केसरबाग, लखनऊ में कुल 29 कोठियॉ हैं। कैसरबाग स्थित कोठियों को वर्ष 1861 में ताल्लुकेदारों को अस्थायी उपयोग एवं रख-रखाव हेतु दिया गया था।

(5) काशी (वाराणसी) की सांस्कृतिक धरोहर रामलीला तथा मन्दिरों एवं धार्मिक संस्थाओं''के लिए अनुदान :

काच्ची (वाराणसी) की सांस्कृतिक धरोहर रामलीला तथा मन्दिरों एवं धार्मिक संस्थाओं के लिए अनुदान स्वरूप आल इण्डिया काशीराज ट्रस्ट, वाराणसी को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा रू. 5,00,000/- का अनुदान दिया जाता है। उक्त के अंतर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में उक्त ट्रस्ट को रूपये 5,00,000/- की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

(6) सेना द्वारा युद्धाभ्यास, गोला चलाने, तोप दागने हेतु क्षेत्र अधिसूचित करना :

सेना द्वारा युद्धाभ्यास, गोला चलाने, तोप दागने हेतु अधिनियम, 1938 (अधिनियम संख्या-5 सन्‌ 1938) के अधीन संबंधी जिलाधिकारियों के माध्यम से सेना से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर उक्त अधिनियम, 1938 की धारा-9 (1), 9(3), 9(4) एवं 9(2) के अंतर्गत खुले क्षेत्रों में गोला चलाने, तोप दागने के अभ्यास हेतु अधिसूचना निर्गत की जाती है। वर्तमान में सेना के युद्धाभ्यास हेतु गोला चलाने, तोप दागने हेतु रामगंगा बरेली, अर्जुनगंज लखनऊ, शाहजहॉपुर, मांझा फैजाबाद, मेरठ की अधिसूचना निर्गत की गयी है/निर्गत की प्रक्रिया में है।

(7) सिविल सैन्य सम्मेलन :

    सेना तथा सिविल प्रशासन के मध्य विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण के लिए सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं। यह सम्मेलन एक वर्ष राज्य सरकार तथा एक वर्ष सेना द्वारा आयोजित किये जाते हैं। वर्ष 2005 में यह सम्मेलन सेना द्वारा आयोजित किया गया था। इस वर्ष सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन दिनांक 25-9-2008 को आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। विगत सम्मेलन में कुल 37 एजेण्डा बिन्दु रखे गये थे, जिसमें से अधिकांश निस्तारित किये गये। अवच्चेष के साथ भी 19 बिन्दुओं पर इस सम्मेलन में चर्चा की गयी तथा विचारोपरान्त अधिकांश निस्तारित किये गये। सम्मेलन का कार्यवृत्त दिनांक 04-12-2008 को निर्गत कर दिया गया है।

(8) अंतर्राज्यीय परिषद :

मा. प्रधानमंत्री, भारत सरकार की अध्यक्षता में भारत के राज्यों के मा. मुख्यमंत्री गण के साथ महत्वूपर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करने हेतु अंतर्राज्यीय परिषद, सचिवालय द्वारा अंतर्राज्यीय परिषद की बैठकें आयोजित की जाती हैं, जिसके समन्वय का कार्य प्रदेश स्तर पर सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाता है।

अंतर्राज्यीय परिषद के अंतर्गत अंतर्राज्यीय परिषद सेल का गठन किया गया है।

(9) मध्य क्षेत्रीय परिषद :

क्षेत्रीय परिषद सचिवालय के अंतर्गत मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्य उत्तरॉचल, उत्तर प्रदेच्च, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश हैं। इन प्रदेशों के परस्पर लम्बित प्रकरणों पर मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में विचार-विमर्श कर निर्णय लिये जाते हैं।

(10) भारतीय झण्डा संहिता/कोड आफ आर्म्स :

    भारत का राष्ट्रीय झण्डा भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। वर्तमान में भारतीय झण्डा संहिता, 2002 लागू है, जिसके अंतर्गत इस तिरंगे को ससम्मान फहराये जाने के दिशा-निर्देश दिये गये हैं। कोट आफ आर्म्स से संबंधित प्रकरण भी विभाग में व्यवहृत किये जाते हैं।

(11) सार्वजनिक अवकाच्चों की घोषणा :

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निगोच्चिएबुल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट-1881 (एक्ट संख्या-26, सन्‌ 1881) की धारा-25 द्वारा प्राप्त उन अधिकारों को काम में लाकर, जिन्हें भारत सरकार की विज्ञप्ति दिनॉक 08 जून, 1957 के अनुसार राज्य सरकार काम में ला सकती है, के क्रम में प्रत्येक वर्ष सार्वजनिक छृट्टियों की अनुसूची, निर्बन्धित अवकाशों की सूची एवं कार्यकारी आदेच्चों के अंतर्गत अवकाशों को घोषित एवं राज्य सरकार के असाधारण गजट में प्रकाच्चित कराया जाता है।

निगोच्चिएबुल इन्स्ट्रूमेंट एक्ट-1881 (एक्ट संख्या-26, सन्‌ 1881) की धारा-25 द्वारा उन अधिकारों को काम में लाकर, जिन्हें भारत सरकार की विज्ञप्ति दिनॉक 08 जून, 1957 के अनुसार लोक सभा/राज्य विधान सभा, पंचायत चुनावों के सामान्य तथा उप निर्वाचनों एवं सामान्य निर्वाचन से संबंािध्त जिलों में निर्वाचनों के प्रयोजनों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित एवं राज्य सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित कराया जाता है।

वर्ष 2009 की अवकाच्च सूची दिनांक 21-11-2008 को निर्गत की गयी है, जिसमें कुल 32 सार्वजनिक अवकाश के साथ ही 22 निर्बन्धित अवकाश घोषित किये गये हैं, जिनमें से कोई 02 अवकाश कार्मिक ले सकते हैं। उक्त के अतिरिक्त कार्यकारी आदेशों के तहत दिनांक 05-1-2009 को गुरू गोविन्द सिंह जयंती, दिनांक 21-2-2008 को संत रविदास जयंती, दिनांक 17-9-2009 को विश्वकर्मा पूजा का अवकाश दिया गया है। उक्त के अतिरिक्त दिनांक 09-10-2009 को मान्यवर कांशीराम निर्वाण दिवस तथा दिनांक 06-12-2009 को डॉ0 भीमराव अम्बेडकर निर्वाण दिवस घोषित किया गया है।

(12) विशिष्ट व्यक्तियों के निधन पर शोक/सम्मान :

राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, भूतपूर्व राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्य मंत्री, भूतपूर्व उप राष्ट्रपति, अथवा प्रधान मंत्री (यदि उत्तर प्रदेश निवासी हों), उत्तर प्रदेच्च के भूतपूर्व राज्यपाल, भूतपूर्व मुख्यमंत्री, तथा अन्य प्रदेच्चों के राज्यपाल (जो उत्तर प्रदेश के निवासी हों), मुख्य न्यायाधिपति, लोक सभा अध्यक्ष, केन्द्रीय मंत्री आदि के निधन पर राष्ट्रीय शोक मनाये जाने की घोषणा की जाती है। इस व्यवस्था से संबंधित शासनादेश की प्रति सभी जिलों में उपलब्ध है तथा विभागीय वेबसाईट पर उपलब्ध है।

(13 )    उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद का गठन :

प्रदेश की आंतरिक व वाह्‌य सुरक्षा की समीक्षा के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद का गठन किया गया है। उक्त नागरिक परिषद में अध्यक्ष (पदेन), शासन द्वारा नियुक्त उपाध्यक्ष तथा सचिव (पदेन) रखा गया है। उ.प्र. नागरिक परिषद के संचालन हेतु वर्तमान वित्तीय वर्ष में रू. 11,00,000 की घनराशि की व्यवस्था की गयी है। वर्तमान में श्री आर0एस0कुशवाहा, अध्यक्ष तथा श्री अजय कुमार भारती, उपाध्यक्ष तथा श्री पी0एन0यादव, सचिव के पद पर नामित है।

(14) सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट :

सामान्य प्रशासन  विभाग द्वारा अपनी बेबसाइट http://gad.up.nic.in तैयार की गयी है, जिससे सर्व संबंधित को अवगत करा दिया गया है। मुख्य रूप से विभागीय वेबसाईट पर सार्वजनिक अवकाशों की सूची, झण्डा संहिता, विशिष्ट महानुभावों के निधन पर शोक, कोट आफ आर्म्स, नागरिक चार्टर, विदेशों को भेजे जाने वाले प्रमाण पत्रों के संबंध में जानकारी, डोमीसाईल, विभाग द्वारा दिये जाने वाले विभिन्न पुरस्कारों से संबंधित सूचना इत्यादि जनसाधारण हेतु प्रदर्शित की गयी हैं।

(15) सुशासन कार्य योजना :

    सुशासन कार्ययोजना अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त कुल 139 बिन्दुओं (90 दीर्घ तथा 49 लघु) पर सामान्य प्रशासन विभाग स्तर से शासन के सभी विभागों की विभिन्न स्तर पर बैठक की सूचना का समन्वय का दिनांक 21-11-2008 को भारत सरकार को भेज दिया गया है। सुशासन कार्य योजना शासन/प्रशासन को सुदृढ़/मजबूत एवं क्रियाशील बनाये रखने में किया गया प्रयास है। यद्यपि की कार्य शोध प्रकृति का था किन्तु सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अथक प्रयास करके पूर्ण किये गये।

(16) केन्द्र-राज्य संबंध :

    भारत सरकार द्वारा केन्द्र-राज्य सम्बन्ध आयोग का गठन किया गया है। उक्त आयोग द्वारा अन्य राज्यों के साथ ही उ0प्र0 राज्य को भी कुल 10 बिन्दुओं की प्रश्नावली बनाकर उपलब्ध करायी गयी है, जिसके बिन्दु निम्नवत  हैं :-

  1) केन्द्र-राज्य संबंधों पर संवैधानिक व्यवस्था।

  2) आर्थिक एवं वित्तीय संबंध।

  3) एकीकृत और समेकित घरेलू बाजार।

  4) स्थानीय शासन और विकेन्द्रीकृत शासन।

  5) दांडिक न्याय, राष्ट्रीय सुरक्षा और केन्द्र-राज्य सहयोग।

  6) प्राकृतिक संसाधन, पर्यावरण, भूमि एवं कृषि।

  7) ढांचागत विकास और बड़ी परियोजनायें।

  8) सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियों लोकनीति एवं शासन।

  9) सामाजिक, आर्थिक एवं मानव विकास।

  10)    विविध

    भारत सरकार द्वारा केन्द्र-राज्य संबंधों के अंतर्गत उपलब्ध कराये गये उपरोक्त बिन्दुओं के संबंध में संबंधित विभागों यथा-न्याय, गृह, नियुक्ति, नगर विकास, पंचायती राज, विधायी, लोक निर्माण, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, चिकित्सा, नियोजन, शिक्षा, वित्त, कर एवं निबन्धन, कृषि, पर्यावरण, वन, ऊर्जा, औद्योगिक विकास तथा राजस्व से समन्वय की सूचना तैयार की जा रही है, जो अन्तिम चरण में है। इसे शीघ्र ही भारत सरकार भेजा जायेगा।

(17) सामान्य प्रशासन विभाग की पिछले 02 वर्षो के आय-व्ययक अनुमान तथा वित्तीय वर्ष 2009-10 हेतु प्रस्तावित आय-व्यय अनुमान का विवरण :

वित्तीय वर्ष 2007-08

             (धनराशि हजार में )

 

क्र0

वित्त से मांगी गयी धनराशि

वित्त विभाग द्वारा प्राविधानित/ स्वीकृत धनराशि

व्यय की गयी धनराशि

1

25,71

36,71

15,59 

वित्तीय वर्ष 2008-09

क्र0

वित्त से मांगी गयी धनराशि

वित्त विभाग द्वारा प्राविधानित/ स्वीकृत धनराशि

व्यय की गयी धनराशि

1

24,71

39.93

15,25

वित्तीय वर्ष 2009-10

 

क्र0

वित्त से मांगी गयी धनराशि

वित्त विभाग द्वारा प्राविधानित/ स्वीकृत धनराशि

व्यय की गयी धनराशि

1

48,03

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