नागरिक चार्टर

सामान्य प्रशासन विभाग के इस नागरिक चार्टर में उन सामान्य जानकारियों का उल्लेख किया गया है, जिनकी जानकारी से आम जनता को सामान्य प्रशासन विभाग से सम्बन्धित अपने कार्यो के सम्पादन में आसानी होगी।

    सामान्य प्रशासन विभाग को आवंटित मुख्य कार्य निम्नवत हैं :-

1. अधिनियम-
  (क)- आर्मी एवं एयरफोर्स
(ख)- टेरीटोरियल आर्मी
(ग)- वायरलेस टेलीग्राफी
2 मिलिटरी एवं डाक तार विभागों के लिये भूमि अधिग्रहण
3.  सिविल पायनियर फोर्स
4.  टेरीटोरियल आर्मी
5.  टेरीटोरियल आर्मी समिति
6. फातिमा गार्डेन समिति, वाराणसी
7.  नागरिक परिषद
8. केन्द्रीय क्षेत्रीय परिषद
9.  विशिष्ट व्यक्तियों का अस्थि विसर्जन
10.  अशोक चक्र
11.  कोट ऑफ आर्म्स
12. विदेशी अधिकारियों, विदेशाी सरकारों तथा देश में राज्य सरकारों से पत्र व्यवहार पर सामान्य निदेश
13.  भारत में विशिष्ट व्यक्तियों के निधन पर शोक, राष्ट्रीय ध्वज झुकाया जाना
14.  ए-मेडल जीवन रक्षा पदक
15.  विदेशों को भेजे जाने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन
16.  उत्तर प्रदेश की राजधानी के बारे में विवाद
17.  डाक तार विभाग संबंधी निम्नलिखित विषय-
  (1)   भारत सरकार/राज्य सरकारों के तार के संक्षिप्त पते
(2)   इण्डियन पोस्ट ऑफिस एक्ट के उल्लंघन में डाक का भेजना
(3)  नए डाकखानों को खोलने की गारण्टी
(4)   इंडियन वर्ड कोड
(5)  नए डाकखाने/तारघरों की स्थापना
(6) पोस्ट आफिस शिड्यूल तथा डाक का खोना
(7)   राजकीय तार टेलीफोन में प्राथमिकता निर्धारण
(8)  अलाभदायक डाकघरों की स्थापना तथा उनको चालू रखना
(9)   सरकारी सेवा, डाक टिकटों का दुरूपयोग का सामान्य प्रश्न
(10)  डाक तार विभाग की नोटिसों का वितरण
18. सामान्य प्रशासन स्थायी समिति
19.  टेलीफोन संबंधी सामान्य मामले
20.  सरकारी सेवा डाकटिकट के संबंध में अनुदेश
21.  सरकारी अभिलेखों में जाति परिवर्तन
22.  व्यक्तियों तथा सरकारी कर्मचारियों द्वारा नाम परिवर्तन
23.  मेयो हाल एवं स्ट्रेन्जर्स होम, इलाहाबाद
24. डाक तार समिति
25.  अधिनियम-
   (क) इंडियन मर्चेन्ट्स शिपिंग (विदेश तीर्थ यात्रा से संबंधित)
(ख)   मैनुवर्स, फील्ड फायरिंग एवं आर्टिलरी प्रैक्टिस
26. सुरक्षा सेना
  (क)-  आर्मी रिजर्व फोर्स
(ख)- आर्मी लिस्ट
(ग)-  आर्टीलरी सेल्यूट
(घ)- सेवा संबंधी विविध मामले जिनसे राज्य शासन संबंधित हो
(ड.)-   आर्मी में भर्ती के लिए चरित्र की जॉंच
(च)- सेना में नियमित कमीशन के संबंध में आदेशों का निर्गमन
(छ)- देशद्रोही कार्यवाहियों के लिए मिलेट्री पेंशन को जब्त करना तथा उनकी पुनः स्वीकृति
(ज)-  मिलिट्री कोचिंग ग्राउण्ड
27.  रेजीडेन्ट आयुक्त, नई दिल्ली के प्रशासकीय विभाग से संबंधित कार्य
28.  कार्यालय के घंटे व समय
29.  जिलों में प्रातःकालीन कचहरी समय का निर्धारण
30.  ट्रस्ट-
  (क)-  आल इण्डिया मिन्टो मेमोरियल इलाहाबाद
(ख)- गोरखपुर के स्वर्गीय बाबा रामदास की सम्पत्ति
31.  प्राथमिकता सूची (वारेण्ट ऑफ प्रिसीडेंस)
32.  झंडा दिवस समारोह
33.  राष्ट्रीय तथा विदेशों के झंडे फहराने के आदेश
34.  भारत तथा विदेशों के राष्ट्रगान
35.  नामों तथा चिन्हों के दुरूपयोग पर प्रतिबन्ध
36.  आय-व्ययक- अनुभाग को आवंटित विषयों से संबंधित
37.  सरकारी आदेशों की पुस्तिका मैनुअल ऑफ गवर्नमेंट आर्डर्स पुनरीक्षण तथा शुद्धिपत्र जारी करना
38.  प्रतिवर्ष 30 जनवरी को मौन रखा जाना
39.  कैसरबाग कोठियां, लखनऊ
40.  छुट्टियॉं-
  1-   छुट्टियों की घोषणा
2-   सार्वजनिक छुट्टियों की वार्षिक सूची
3-   खेलकूद तथा समारोहों आदि के अवसरों पर विशेष अवकाश
41.  कोई अन्य विषय जो सचिवालय के किसी अनुभाग को आवंटित न किया गया हो
42.  जनगणना से संबंधित कार्य
43.  स्वतंत्रता के पश्चात सभी युद्धो में शहीद हुए सेनानियों की स्मृति में स्मारक तथा मूर्ति स्थापना संबंधी कार्य
44.  शहीदों के नाम से मार्ग का नामकरण तथा शहीद पार्क का निर्माण                          
   उपरोक्त कार्यो में से कतिपय महत्वपूर्ण कार्यो का विवरण निम्नवत है :-

1- विदेशों को भेजे जाने वाले प्रमाण-पत्रों का सत्यापन

समय  सारिणी

 सम्बन्धित  जिलाधिकारी द्वारा समस्त  कार्यवाही  पूर्ण  करते हुए अभिलेख सत्यापित  कर  10 दिन के अन्दर शासनl को  उपलब्ध करा दिया जायेगा।

2- जिलाधिकारी से प्राप्त  अभिलेखों  को शासन  स्तर  से 10 दिन के अन्दर सत्यापनोपरान्त  सम्बन्धित  जिलाधिकारी को  आवेदन-पत्र उपलब्ध  कराने  हेतु प्रेषित कर  दिया जायेगा।

  विभिन्न प्रकार की शिक्षा, रोजगार आदि प्राप्त करने के लिये प्रदेश के बहुत से लोग विदेशों में जाते हैं जहां उन्हें जन्म प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, निकाहनामा, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार प्रमाण-पत्र, शैक्षिक योग्यता सम्बन्धी प्रमाण-पत्र, पॉवर ऑफ एटार्नी एवं मृत्यु आदि के प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की आवश्यकता होती है। ऐसे प्रमाण पत्रों को जिलाधिकारी द्वारा सत्यापनोपरान्त शासन स्तर से सत्यापित किया जाता है।

 प्रमाण-पत्रों के सत्यापन हेतु आवेदन पत्र देने का स्थान-

आवेदक को अपने प्रमाण-पत्रों के सत्यापन हेतु संबंधित जनपद के जिलाधिकारी अथवा उनके द्वारा इस कार्य हेतु प्राधिकृत अपर जिलाधिकारी को विदेश जाने के प्रयोजन का स्पष्ट उल्लेख करते हुए आवेदन-पत्र देना चाहिए, जो प्रमाण-पत्रों की सत्यता सुनिश्चित कर परीक्षण/निरीक्षण कर उन्हें सत्यापित करने के उपरान्त अपने अग्रसारण पत्र सहित सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेषित करेगें।

शासन स्तर पर प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया-

जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी द्वारा प्रेषित किये गये सत्यापित प्रमाण-पत्र सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पुनः सत्यापित किये जायेगें। जिलाधिकारी अपने अग्रसारण पत्र के साथ आवेदक के प्रार्थना-पत्र की प्रति, सत्यापित किये जाने वाले प्रमाण-पत्र की दो छाया प्रतियॉ सलग्न करते हुए आवेदक के विदेश जाने का प्रयोजन भी अपने पत्र में स्पष्ट करेगें।

 प्रमाण-पत्रो के सत्यापनार्थ नामित किये जाने वाले अधिकारी के पूर्ण नमूना हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करायेगें क्योकि हस्ताक्षर के नमूने के अभाव में शासन स्तर से सत्यापन संभव नही होगा। किसी भी प्रमाण-पत्र को जिलाधिकारी के अग्रसारण पत्र के बिना न भेजा जाय।

सम्प्रति प्रमाण-पत्रों को सत्यापित करने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग के उप सचिव एवं संयुक्त सचिव तथा अपरिहार्य परिस्थितियों में सचिव/प्रमुख सचिव को प्राधिकृत किया गया है। इन अधिकारियों में से किसी एक के द्वारा प्रमाण-पत्रों को सत्यापित करने के उपरान्त उन्हें संबंधित जिलाधिकारी को प्रेषित कर दिया जायेगा, जो शासन द्वारा सत्यापित प्रमाण-पत्र अपने स्तर से संबंधित व्यक्ति को उपलब्ध करा देगें।

सत्यापन के सम्बन्ध में जानकारी/शिकायत-

प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के सम्बन्ध में किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करने के लिए अथवा सत्यापन में विलम्ब होने पर सामान्य प्रशासन विभाग के निम्नलिखित अधिकारियों से सम्पर्क करना चाहिए, जिनका विवरण निम्नलिखित है :-

क्र0

अधिकारियों का पदनाम

टेलीफोन न0

1.

अनुभाग अधिकारी

सामान्य प्रशासन  विभाग

2213207

2.

उप सचिव

सामान्य प्रशासन  विभाग

2213851

3.

विशेष सचिव

सामान्य प्रशासन  विभाग

2238156

2239118

 

2- वीरता पुरस्कार

 (क) जीवन रक्षा पदक-

     यह पदक प्रदेश सरकार की संस्तुति पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ऐसे नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं, जिन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर जल में डूबते हुए, आग/खानों में बचाव कार्य के दौरान जीवन की रक्षा की हो।

जीवन रक्षा पदकों की श्रेणी एवं मापदण्ड-

     जीवन रक्षा पदक श्रृंखला को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जिनका विवरण निम्नवत् है :-

      1- सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक-

     यह पदक जल में डूबते हुए, अग्नि, खानों में रक्षात्मक संक्रियाओं से जीवन की रक्षा करने में, रक्षा करने वाले द्वारा प्रदर्शित कार्यवाही में अपने जीवन के लिए महान संकट की परिस्थितियों में विशिष्ट साहस के लिए प्रदान किया जाता है। पदक के अतिरिक्त व्यक्ति को भारत सरकार द्वारा रूपये 25,000/- की धनराशि तथा राज्य सरकार द्वारा रूपये 5,000/- की धनराशि तथा प्रशस्ति-पत्र भी प्रदान किया जाता है। मरणोपरान्त उक्त धनराशियां दुगुनी हो जाती है।

   2- उत्तम जीवन रक्षा पदक-

    यह पदक जल में डूबते हुए, अग्नि, खानों में रक्षात्मक संक्रियाओं आदि से जीवन की रक्षा करने में, रक्षा करने वाले द्वारा प्रदर्शित कार्यवाही में अपने जीवन के लिए महान संकट की परिस्थितियों में साहस एवं तत्परता के लिए प्रदान किया जाता है। पदक के अतिरिक्त व्यक्ति को भारत सरकार द्वारा रूपये 15,000/- की धनराशि एवं राज्य सरकार द्वारा रूपये 2,000/- की धनराशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। मरणोंपरान्त उक्त धनराशियां दुगुनी हो जाती है।

  3- जीवन रक्षा पदक-

    यह पदक जल में डूबते हुए, अग्नि, खानों में रक्षात्मक संक्रियाओं आदि से जीवन की रक्षा करने में, रक्षा करने वाले द्वारा प्रदर्शित कार्यवाही में गंभीर शारीरिक चोट के लिए महान संकट की परिस्थिति में साहस एवं तत्परता के लिए प्रदान किया जाता है। इसमें पदक के अतिरिक्त व्यक्ति को भारत सरकार द्वारा रूपये 10,000/- की धनराशि तथा राज्य सरकार द्वारा रूपये 1,000/- की धनराशि तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया जाता है। मरणोंपरान्त उक्त धनराशियां दुगुनी हो जाती है।

अन्य सुविधायें -

    जीवन रक्षा पदक श्रृंखला के अन्तर्गत पदक प्राप्त करने वाले व्यक्तियों को राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित सुविधायें भी दी जाती हैं:-

(क) सरकारी स्कूलों/कालेजों में स्नातक स्तर तक निःशुल्क शिक्षा।

(ख) लोक सेवा आयोग की परिधि के बाहर समूह ग' एवं घ' के पदों पर नियुक्ति हेतु निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट और इस प्रकार यदि ऐसे व्यक्ति अन्यथा अर्ह हों तो उन्हें अन्य व्यक्तियों की तुलना में सेवायोजना में वरीयता।

(ग) जो व्यक्ति पदक के लिए चुने जाते हैं उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मा0 मुख्य मंत्री जी द्वारा स्वयं अपने हाथों से पदक देकर सम्मानित किया जाता है तथा इस अवसर पर उन्हें अपने जनपद से लखनऊ आने-जाने का प्रथम श्रेणी का रेल किराया अनुमन्य कराया जाता है तथा पदक प्राप्तकर्ता को राज्य अतिथि का दर्जा देकर उसके रहने एवं खाने की व्यवस्था स्टेट गेस्ट हाउस में की जाती है।

पदकों की संस्तुति-

    चूंकि जीवन रक्षा पदक प्रदेश सरकार की संस्तुति पर भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाते हैं। अतः विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा कार्यालयाध्यक्षों द्वारा घटना के तुरन्त बाद अपनी संस्तुतियों को निर्धारित प्रपत्र (संलग्नक-1) पर सामान्य प्रशासन विभाग को भेज देना चाहिए ताकि प्रदेश शासन द्वारा तीन माह के अन्दर अपनी संस्तुति भारत सरकार को उपलब्ध करायी जा सके।

 (ख) अशोक चक्र श्रृंखला

    इस श्रृंखला में अशोक चक्र, कीर्ति चक्र एवं शौर्य चक्र पुरस्कार भारत सरकार द्वारा ऐसे व्यक्तियों को प्रदान किये जाते हैं, जिन्होंने अभूतपूर्व वीरता, शौर्य का कार्य किया हो अथवा अपने जीवन का बलिदान कर दिया हो।

 वीरता के उपरोक्त पुरस्कार निम्नलिखित व्यक्तियों को प्रदान किये जाते हैं :-

(क) जल, थल तथा वायु सेना, प्रादेशिक सेना आदि के सभी रैंको के अधिकारी/कर्मचारी

(ख) सशस्त्र सेनाओं का नर्सिंग स्टाफ

(ग) पुलिस तथा अग्निशमन सेवाओं को छोड़कर सभी नागरिक।

        भारत सरकार द्वारा अशोक चक्र श्रृंखला के पुरस्कारों से अलंकृत उत्तर प्रदेश के नागरिकों को राज्य सरकार द्वारा जीवन में एक बार एकमुश्त धनराशि तथा प्रतिवर्ष वार्षिकी प्रदान की जाती है। अशोक चक्र हेतु एकमुश्त धनराशि रू0 40,000/- तथा वार्षिकी रू0 400/-, कीर्ति चक्र हेतु एकमुश्त धनराशि रू0 25,000/- तथा वार्षिकी रू0 300/- एवं शौर्य चक्र हेतु एकमुश्त धनराशि रू0 10,000/- तथा वार्षिकी रू0 200/- प्रदान की जाती है। यह पुरस्कार प्रदेश सरकार की संस्तुति पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रदान किये जाते हैं, अतः घटना के तुरन्त बाद वीरतापूर्ण कार्यो के पूर्ण विवरण के साथ विभागाध्यक्षों, मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों, जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा कार्यालयाध्यक्षों द्वारा अपनी संस्तुति सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध करा देनी चाहिए, ताकि शासन द्वारा भारत सरकार को पुरस्कार हेतु मामले को समय से संस्तुत किया जा सके।

(शासनादेश संख्या-वी0आई0पी0-111/तीन-98-5(14)/97-सा0प्र0अनु0, दिनांक 06-5-1999)

3- महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार

महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार योजना के अन्तर्गत के महानुभाव को रूपये एक लाख का नकद पुरस्कार तथा एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

पुरस्कार हेतु अर्हताएं-

(1) भारत का मूल नागरिक होना

(2) पुरस्कार पर विचार किये जाने के वर्ष में उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में सामान्यतः निवास करना

(3) वीरता, खेलकूद या साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान

(4) इस पुरस्कार योजना के अधीन पूर्व में इस राज्य सरकार द्वारा पुरस्कार न दिया जाना।

पुरस्कार की प्रक्रिया-

    संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से आवेदन पत्र/नामांकन शासन द्वारा एक निर्धारित तिथि तक प्राप्त कर चयन समिति के सम्मुख प्रस्तुत किया जायेगा। चयन समिति में मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रमुख सचिव/सचिव खेलकूद तथा प्रमुख सचिव/सचिव भाषा विभाग सदस्य होगें तथा प्रमुख सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, सदस्य/संयोजक होगें।

समारोह-

    समारोह का आयोजन लखनऊ में शासन द्वारा निर्णय लिये गये स्थान पर होगा। समारोह में भाग लेने के लिए महानुभाव को निवास स्थान से समारोह स्थल तक आने-जाने ठहरने तथा भोजन की व्यवस्था शासन द्वारा की जायेगी। यदि चयनित महानुभाव अत्यन्त वृद्ध, गंभीर रूप से अस्वस्थ्य, शारीरिक रूप से पूर्णतः अशक्त तथा चलने- फिरने में असमर्थ हो तो सम्मान समारोह में उनको अपनी सहायतार्थ एक सहायक लाने की सुविधा होगी जिसके आने-जाने भोजन तथा आवास की व्यवस्था शासन द्वारा की जायेगी।

(शासनादेश संख्या-196/तीन-03-5(11)/2001टीसी, दिनांक 07-2-2003)

4-डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया का निर्धारण-

    विभिन्न जनपदों से शासन को स्थायी निवास प्रमाण-पत्र/डोमीसाईल प्रमाण-पत्र जारी किये जाने के बारे में मार्गदर्शन की अपेक्षा की जाती रही है। डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र जारी करने का प्रकरण राज्य सरकार का विषय है तथा एक निश्चित उद्देश्य, मुख्य रूप से शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश तथा रोजगार पाने आदि के लिए प्राप्त किया जाता है। मामले में पुनर्विचार करते हुए डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरलीकृत बनाये जाने हेतु शासन स्तर पर गम्भीरता से विचार किया गया तथा इस संबंध में पूर्व शासनादेशों दिनांक 18 जनवरी, 2000 एवं 15 फरवरी, 2000 को अतिक्रमित करते हुए नया शासनादेश दिनांक 18 फरवरी, 2003 निर्गत किया गया है, जिसमें उक्त प्रमाण-पत्रों के सम्बन्ध में मानदण्ड, प्रक्रिया तथा प्रारूप का निर्धारण किया गया है। प्रारूप संलग्नक-2 व 3 पर उपलब्ध है। तद्विषयक शासन में यह व्यवस्था दी गयी है कि डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र अधिकतर किसी शैक्षणिक संस्था में प्रवेश हेतु अथवा किसी सेवायोजन हेतु आवेदन करने के प्रयोजनार्थ जारी किया जायेगा एवं यह प्रमाण-पत्र इन्हीं प्रयोजनों के लिए मान्य होगा। सम्बन्धित जनपद के जिला मजिस्ट्रेट उनके द्वारा इस हेतु लिखित रूप से अधिकृत अपर जिला मजिस्ट्रेट/सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट यह प्रमाण-पत्र देने के लिए सक्षम अधिकारी होंगे। स्थायी निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप पर (संलग्न प्रारूप-1)(संलग्नक-2) प्रार्थना पत्र दो प्रतियों में देना होगा। उसी आवेदन पर यथास्थान सरकार के राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्रीय संसद सदस्य, विधायक या अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों के शाखा प्रबन्धक में से किसी एक द्वारा सत्यापन पत्र संलग्न प्रारूप पत्र पर प्रार्थना-पत्र के साथ दो नवीनतम फोटो सहित आवेदन प्रस्तुत किया जायेगा। आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने पर सक्षम प्राधिकारी या प्रमाण-पत्र निर्गत करने वाले अधिकारी का यह उत्तरदायित्व होगा कि आवेदन-पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह में जॉंच हेतु सम्बन्धित जांच अधिकारी/कर्मचारी को प्राप्त करा दिया जाये। इसके उपरान्त उनसे दो सप्ताह में जॉंच आख्या मंगा ली जाये तथा इसके एक सप्ताह के अन्दर सामान्य निवास सम्बन्धी प्रमाण-पत्र निर्गत करने का या उसकी जांच आपत्तियों को आवेदक को सूचित कर दिया जाये।

    डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु इस तथ्य के प्रति संतुष्ट होना आवश्यक है कि आवेदक उस जनपद का मूल निवासी हो अथवा उसके माता-पिता उस जनपद के मूल निवासी हों अथवा वह उस जनपद में अस्थायी रूप से तीन वर्ष से निवास कर रहा हो।

    इस परिप्रेक्ष्य में आवेदक को कोई असुविधा होने पर अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त न होने पर आवेदक द्वारा प्रशासन स्तर पर सम्बन्धित मण्डलायुक्त, मा0 सांसद, मा0 विधायक, सम्बन्धित जनपद के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अथवा ब्लाक प्रमुख तथा शासन स्तर पर प्रमुख सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के यहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।

संलग्नक-2     

संलग्नक-3

 

5-कैसरबाग कोठियां, लखनऊ

    कैसरबाग, लखनऊ में 29 कोठियॉ हैं। कैसरबाग स्थित कोठियों को वर्ष 1861 में तत्कालीन ताल्लुकेदारों को ग्रान्ट के रूप में इस आशय से दिया गया था कि वे लखनऊ आगमन के समय रहने हेतु उनका प्रयोग कर सकें।

6-रामलीला के व्यय तथा मन्दिरों एवं धार्मिक संस्थाओं के लिये अनुदान

    सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने हेतु रामलीला के व्यय तथा मन्दिरों एवं धार्मिक संस्थाओं के लिए ऑल इण्डिया काशीराज ट्रस्ट, वाराणसी को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में रू0 5.00 लाख का अनुदान दिया जाता है।

7-सेना द्वारा युद्धाभ्यास, गोला चलाने, तोप दागने हेतु क्षेत्र अधिसूचित करन

    युद्धाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने, तोप दागने के अभ्यास हेतु अधिनियम-1938 (अधिनियम संख्या-5 सन् 1938) के अधीन संबंधित जिलाधिकारियों के माध्यम से सेना से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर उक्त अधिनियम 1938 की धारा 9(1), 9(3), 9(4) एवं 9(2) के अन्तर्गत खुले क्षेत्र में गोला चलाने, तोप दागने के अभ्यास हेतु अधिसूचना निर्गत करते हुये संबंधित जनपद में क्षेत्रों को अधिसूचित किया जाता है।

 8-नाम परिवर्तन

    आपातकाल लागू होने के समय आम नागरिकों का नाम परिवर्तन भी शासन की अनुमति से किया जाता था, परन्तु आपातकाल समाप्त होने के उपरान्त आम नागरिकों के नाम परिवर्तन की कार्यवाही हेतु शासन से कार्यवाही अपेक्षित नहीं है।

    सरकारी व्यक्तियों के नाम परिवर्तन की कार्यवाही एम0जी0ओ0 के प्रस्तर 250 में दी गयी व्यवस्था के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति से प्रशासकीय विभाग द्वारा की जाती है।

9-सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन

    सेना तथा सिविल प्रशासन के मध्य विभिन्न प्रकरणों के निस्तारण के लिये विचार-विमर्श हेतु सिविल सैन्य सम्पर्क सम्मेलन आयोजित किये जाते हैं।

10-अंतर्राज्य परिषद

    मा0प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में भारत के राज्यों के मा0 मुख्यमंत्री गण के साथ महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श करने हेतु अंतर्राज्य परिषद सचिवालय द्वारा अंतर्राज्य परिषद की बैठकें आयोजित की जाती हैं।

 11-मध्य क्षेत्रीय परिषद

    क्षेत्रीय परिषद सचिवालय के अंतर्गत मध्य क्षेत्रीय परिषद के सदस्य राज्य उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं मध्य प्रदेश हैं। इन प्रदेशों के परस्पर लम्बित प्रकरणों पर मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में विचार-विमर्श कर निर्णय लिये जाते हैं।

12-भारतीय झण्डा संहित

    भारत का राष्ट्रीय झण्डा, भारत के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिरूप है। यह हमारे राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। पिछले पॉच दशकों में अनेक लोगों और सशस्त्र सैनिकों ने इस तिरंगे को पूर्ण गौरव के साथ फहराते रहने के लिये सहजतापूर्वक अपने जीवन का बलिदान दिया है।

    सब के मन में राष्ट्रीय झण्डे के लिये प्रेम, आदर और निष्ठा है। लेकिन प्रायः देखने में आया है कि राष्ट्रीय झण्डे को फहराने के लिये जो नियम, रिवाज और औपचारिकतायें हैं उसकी जानकारी न तो आम जनता को है और न ही सरकारी संगठनों और एजेंसियों को। सरकार द्वारा समय-समय पर जारी असांविधिक निर्देशों, संप्रतीक और नाम (अनुचित प्रयोग का निवारण) अधिनियम 1950 (1950 का सं0 12) तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (1971 का सं0 69) के उपबंधों के तहत राष्ट्रीय झण्डे का प्रदर्शन नियंत्रित होता है। सभी के मार्गदर्शन और हित के लिए भारतीय झण्डा संहिता, 2002 में सभी नियमों, रिवाजों, औपचारिकताओं और निर्देशों को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है।

     सुविधा के लिए भारतीय झण्डा संहिता, 2002 को तीन भागों में बांटा गया है। संहिता के भाग-प् में राष्ट्रीय झण्डे के बारे में सामान्य विवरण दिया गया है। आम जनता, निजी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों आदि द्वारा राष्ट्रीय झण्डा फहराए जाने के बारे में संहिता के भाग-प्प् में विवरण दिया गया है। केन्द्र और राज्य सरकारों तथा उनके संगठनों व एजेंसियों द्वारा राष्ट्रीय झण्डा फहराए जाने का विवरण संहिता के भाग-प्प्प् में दिया गया है।

"झण्डा संहिता-भारत'' के स्थान पर  "भारतीय झण्डा संहिता, 2002'' को 26 जनवरी, 2002 से लागू किया गया है।

13-सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा

    निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट, 1881 (ऐक्ट सं0 26 सन् 1881) की धारा 25 द्वारा प्राप्त उन अधिकारों को काम में लाकर जिन्हें भारत सरकार की विज्ञप्ति संख्या-20/25-56-पब-1, दिनांक 08 जून, 1957 के अनुसार राज्य सरकार काम में ला सकती है, के क्रम के प्रत्येक वर्ष सार्वजनिक छुट्टियों की अनुसूची, निर्बन्धित अवकाशों की सूची एवं कार्यकारी आदेशों के अन्तर्गत अवकाशों को घोषित एवं राज्य सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित कराया जाता है।

 14-लोक सभा/राज्य विधान सभा, पंचायत चुनावों के सामान्य तथा उपनिर्वाचनों में अवकाश घोषित किया जाना

    निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट, 1881 (ऐक्ट सं0 26 सन् 1881) की धारा 25 द्वारा प्राप्त उन अधिकारों को काम में लाकर जिन्हें भारत सरकार की विज्ञप्ति संख्या-0/25-56-पब-1, दिनांक 08 जून, 1957 के अनुसार लोक सभा/राज्य विधान सभा, पंचायत चुनावों के सामान्य तथा उपनिर्वाचनों एवं सामान्य निर्वाचन से सम्बन्धित जिलों में निर्वाचनों के प्रयोजनों के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित एवं राज्य सरकार के असाधारण गजट में प्रकाशित कराया जाता है।

15-सभी सरकारी कार्यालयों का कार्यालय समय का निर्धारण एवं उसका अनुपालन

    सभी सरकारी कार्यालयों का समय निर्धारण एवं उसका अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु समस्त विभागाध्यक्षो/कार्यालयाध्यक्षों, समस्त मण्डलायुक्तों/ समस्त जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है। शासनादेश संख्या-845/तीन-05-77(5)/2005, दिनांक 03 जून, 2005

16-सैनिक रंगरूटों का पूर्ववृत्त एवं चरित्र सत्यापन

    विभिन्न सैन्य केन्द्रों से सैनिक रंगरूटों के पूर्ववृत्त एवं चरित्र सत्यापन के प्रकरण सैन्य केन्द्रों द्वारा संबंधित जिलाधिकारियों को सन्दर्भित किये जाते हैं, जिनका अनुश्रवण सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जाता है।

17-ग्रीष्म ऋतु में न्यायालयों का प्रातःकालीन समय

    प्रदेश के कुछ जनपदों में गर्मी व लू की तीव्रता के कारण उक्त जिलों के माल, फौजदारी एवं दीवानी न्यायालयों का समय 01 मई से 30 जून की अवधि में प्रातः 6:30 बजे से अपरान्ह् 12:30 बजे तक करने विषयक आदेश निर्गत किये जाते हैं।

18-गणमान्य व्यक्तियों के निधन पर छुट्टी/राजकीय शोक

    राष्ट्रपति/उप राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री/भूतपूर्व राष्ट्रपति/राज्यपाल/ मुख्यमंत्री/भूतपूर्व उप राष्ट्रपति अथवा प्रधानमंत्री (अगर उत्तर प्रदेश के निवासी हो), उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल, भूतपूर्व मुख्यमंत्री तथा अन्य प्रदेशों के राज्यपाल (जो उत्तर प्रदेश के निवासी हो), मुख्य न्यायाधिपति/ लोक सभा अध्यक्ष/केन्द्रीय मंत्री/भूतपूर्व मुख्य न्यायाधिपति, भूतपूर्व अध्यक्ष, लोक सभा भूतपूर्व केन्द्रीय मंत्री (यदि उत्तर प्रदेश के निवासी हो), सभापति, विधान परिषद/अध्यक्ष, विधान सभा/राज्य सरकार के मंत्रिगण/ लोकायुक्त/प्रदेश के भूतपूर्व सभापति, विधान परिषद/भूतपूर्व अध्यक्ष, विधान सभा/राज्य सरकार के भूतपूर्व मंत्रीगण/उत्तर प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश/ भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश/उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के निधन पर शोक आदि के संबंध में शासनादेश सं0-5490/ तीन- 28(3)/72,दिनांक 16-12-87 तथा शासनादेश सं0-भा0स0-141/तीन- 97-28(5)/97, दिनांक 18-02-1998 द्वारा प्रसारित किये गये हैं ।

 उक्त के अतिरिक्त सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत विभाग की सूचनायें निम्नवत है :-

(2) विभाग में प्राप्त होने वाले प्रकरणों पर अनुभाग स्तर से टिप्पणी प्रस्तुत की जाती है। प्रकरणों पर निर्णय लेने के लिए प्रमुख सचिव/सचिव यथावश्यकता मुख्य सचिव तथा विभागीय मंत्री के रूप में मा0 मुख्य मंत्री जी सक्षम हैं।

(3) निर्णय लेने हेतु सचिवालय मैनुअल, उ0प्र0 कार्य (बंटवारा) नियमावली, 1975 के अन्तर्गत, आवंटित कार्य के अनुसार विशेष सचिव/संयुक्त सचिव के पर्यवेक्षण के अन्तर्गत यथावश्यकता सचिव/प्रमुख सचिव एवं मुख्य सचिव तथा मा0 मुख्यमंत्री जी के स्तर से अनुमोदन प्राप्त किया जाता है।

(4) प्रमाण पत्रों के सत्यापन हेतु निर्धारित समय सीमा के अनुसार सम्बन्धित जिलाधिकारी द्वारा समस्त कार्यवाही पूर्ण करते हुए अभिलेख सत्यापित कर 10 दिन के अन्दर शासन को उपलब्ध करा दिया जायेगा। जिलाधिकारी से प्राप्त अभिलेखों को शासन स्तर से 10 दिन के अन्दर सत्यापनोपरान्त सम्बन्धित जिलाधिकारी को आवेदन-पत्र उपलब्ध कराने हेतु प्रेषित कर दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त सचिवालय मैनुअल में सचिवालय के कार्मिकों हेतु प्रक्रिया, मानक आदि निर्धारित किये गये हैं।

 (5) विभाग में विभिन्न कार्यो के निस्तारण तथा कृत्यों के निर्वहन के लिए निम्न नियम/निर्देश हैं :-

(क) सचिवालय मैनुअल

 (ख) फील्ड फायरिंग एण्ड अर्टिलरी एक्ट, 1938

(ग) निगोशिएबुल इन्स्ट्रूमेन्ट एक्ट, 1881 (एक्ट संख्या-26 सन् 1881) की धारा-25 (अवकाश हेतु)

 (घ) गवर्नमेन्ट ग्रान्ट एक्ट,

 (च) डाकघरों के लिये भूमि अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम

(छ) विदेशों को भेजे जाने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन

(ज) महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार हेतु नियमावली

(झ) जीवन रक्षा पदक हेतु भारत सरकार के दिशा निर्देश

(ञ) अशोक चक्र श्रृंखला हेतु शासनादेश

 (6) (1) कैसरबाग कोठियों के संबंध में समय-समय पर निर्गत आदेश

 (2) युद्धाभ्यास, गोला चलाने, तोप दागने हेतु आरक्षित फील्ड फायरिंग रेंज की अधिसूचनायें एवं संबंधित विवरण

(3) सार्वजनिक अवकाशों की सूची एवं उससे संबंधित विवरण

 (4) विदेशों को भेजे जाने वाले प्रमाण पत्रों का सत्यापन की पत्रावलियॉं

(5) वारंट आफ प्रिसीडेन्स (भारत सरकार द्वारा निर्धारित कोटि क्रम एवं राज्य का सब्सिडियरी वारंट आफ प्रिसीडेन्स)

(6)महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार/जीवन रक्षा पदक श्रृंखला/अशोक चक्र श्रृंखला/प्रादेशिक सेना पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं के विवरण

(7) मैनुअल आफ गवर्नमेन्ट आर्डर्स

(7) नीति की संरचना या उसके कार्यान्वयन के संबंध में जनता के सदस्यों से परामर्श हेतु सामान्य प्रशासन विभाग की स्थायी समिति गठित है। इस समिति में विधान सभा/विधान परिषद के मा0 सदस्यों को नाम-निर्दिष्ट किया जाता है। महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार हेतु पात्र व्यक्ति का चयन करने के लिये चयन समिति के सहायतार्थ साहित्य तथा खेलकूद के क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित करने का निर्णय वर्ष 2006 से लिया गया है।

                                                                                                                                                                                                                                                                    

 (9) सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निर्देशिका निम्नवत है :-

क्र0सं0

नाम /पदनाम

सर्वश्री/सुश्री

कार्यालय पता

दूरभाष(कार्यालय)

दूरभाष(आवास)

आवास

1.

के0के0सिन्हा

प्रमुख सचिव

भूतल,

सचिव भवन

2238107, 

2213038

2303875

1/85,विवेक खण्ड,

गोमती नगर,

लखनऊ।

2.

 

 

विजय प्रताप

विशेष सचिव

 

सामान्य प्रशासन विभाग

 

8563977512

 

 

 

 

3.

 

 

राज रतन

अनु सचिव

 सामान्य प्रशासन विभाग

9454412371

 

 

4. सोमनाथ

अनुभाग अधिकारी

 

 

सामान्य प्रशासन  अनुभाग 9454412428    

5.

 

 

 

पी एन यादव

अनुभाग अधिकारी

 

138-,

मुख्य भवन,

 

2213207

 9454412032

03, सेक्टर-10,

इन्दिरा नगर,

लखनऊ।

6.

0 के0

लालवानी

समीक्षा अधिकारी

138-,

मुख्य भवन,

 

2213207

2763571,

9454412039

ई-3/732,

सेक्टर-जे,

अलीगंज,

लखनऊ।

7.

राजेन्द्र यादव

समीक्षा अधिकारी

138-,

मुख्य भवन

 

2213207

9454412034

बी-7, महानगर,सचिवालय

कालोनी,लखनऊ।

8.

उदय नारायण

समीक्षा अधिकारी

138-,

मुख्य भवन

 

2213207

9454412033

23- 

मुलायम नगर,

लेबर चौराहा,

फैजाबाद रोड,

लखनऊ।

9.

राम प्रका यादव

समीक्षा अधिकारी

138-,

मुख्य भवन

 

2213207

9956563757

 

 

19/20 के0के0वी0

इन्टर कालेज 

लखनऊ

मुहम्मदपुर हैदरगढ,

बाराबंकी।

10.

कृष्ण पाल

समीक्षा अधिकारी

सामान्य प्रशासन  अनुभाग

 

 9454413492

 

 

11.

रामेशवर प्रसाद वर्मा,

सहायक

समीक्षा अधिकारी

 

138-, मुख्य भवन

2213207

9936061766

ग्राम-मिर्जापुर

लटउवा,

पो0-हरौनी, बंथरा,लखनऊ।

12.

सुधीर वर्मा

 जूनियर ग्रेड

क्लर्क

138-, मुख्य भवन,

 

2213207

9450501637

538क/614

त्रिवेणीनगर,-द्वितीय

सीतापुर रोड,

लखनऊ।

13.

रितेश कुमार लोधी,

टंकक

138-, मुख्य भवन,

 

2213207

9453844059

148/92,दुगांवा

चौहट्टा,

लखनऊ-226018

14.

0पी0मिश्रा

टंकक

138-, मुख्य भवन,

 

2213207

 9307114126

661एच मकदूमपुर,

गोमतीनगर,

लखनऊ।

15.

रघुराज

अनुसेवक

138-, मुख्य भवन,

 

2213207

9005721314

ग्राम-मीसा, पो0-महमूदपुर,

थाना-गोसाईगंज,

जिला -लखनऊ।

 

(10) प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का वेतनमान निम्नवत है :-

क्र0सं0

नाम /पदनाम

सर्वश्री/सुश्री

वेतन बैंड/वेतनमान

ग्रेड वेतन

1.

के0के0सिन्हा

प्रमुख सचिव

37400-67000

12000

2.

 

विजय प्रताप

विशेष सचिव

 

 

3.

 

राज रतन

अनु सचिव

 

 

4. सोमनाथ

अनुभाग अधिकारी

   

5.

 

 

पी एन यादव

अनुभाग अधिकारी

9300-34800

4200

6.

0 के0 लालवानी

समीक्षा अधिकारी

9300-34800

4200

7.

राजेन्द्र यादव

समीक्षा अधिकारी

9300-34800

4200

8.

उदय नारायण

समीक्षा अधिकारी

9300-34800

4200

9.

राम प्रकाश यादव

समीक्षा अधिकारी

9300-34800

4200

10.

कृष्ण पाल

समीक्षा अधिकारी

 

 

11.

रामेशवर प्रसाद वर्मा,

सहायक समीक्षा अधिकारी

5200-20200

2800

12.

सुधीर वर्मा

 जूनियर ग्रेड

क्लर्क

5200-20200

1900

13.

रितेश कुमार लोधी,

टंकक

5200-20200

1900

14.

0पी0मिश्रा

टंकक

5200-20200

1900

15.

रघुराज

अनुसेवक

4440-7440

1300

 

(11)  सामान्य प्रशासन विभाग में आय-व्ययक में आयोजनेत्तर पक्ष में अनुदान संख्या-84 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2008-09 के आय-व्ययक में प्राविधानित धनराशि का विवरण

लेखाशीर्षक मद प्राविधानित धनराशि
2070-अन्य प्रशासनिक सेवायें- 800-अन्य व्यय- 04- उ0 प्र0 नागरिक परिषद 04-यात्रा व्यय- 15000/-  06-अन्य भत्ते-8000/- 07-मानदेय- 60,000/- 08-कार्यालय व्यय- 25,000/- 13-टेलीफोन पर व्यय-  30,000/- 22-आतिथ्य व्यय/व्यय विषयक भत्ता   आदि- 24,000/- 1,62,000/-
2075-विविध सामान्य सेवायें- 104-विशिष्ट सेवाओं के प्रतिफल के रूप में पेंशन और ईनाम-03- प्रादेशिक सेना दिवस के लिये-42- अन्य व्यय   10,000/-
04-प्रादेशिक सैनिक कर्मचारियों को पारितोषिक-42- अन्य व्यय   15,000/-
05-प्रादेशिक सेना डेकोरेशन तथा मेडल प्राप्त व्यक्तियों को नकद पुरस्कार-42 -अन्य व्यय   3,00,000/-
800-अन्य व्यय-03- अशोक चक्र श्रृंखला के अन्तर्गत उल्लिखित पुरस्कारों से विभूषित उत्तर प्रदेश के नागरिकों को नकद पुरस्कार के रूप में एकमुश्त धनराशि-42- अन्य व्यय   80,000/-
04-जीवन रक्षा श्रृंखला के अन्तर्गत उल्लिखित पुरस्कारों से विभूषित किये जाने वाले उत्तर प्रदेश के नागरिकों को एकमुश्त नकद पुरस्कार-42- अन्य व्यय   10,000/-
05-अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार के अंतर्गत किसी विशिष्ट व्यक्ति को पुरस्कार- 42-अन्य व्यय   1,00,000/-
07-ग्राम बावली जनपद बागपत में शहीद स्मारक का निर्माण (नई मांगों के माध्यम से)   10,00,000/-
2250-अन्य सामाजिक सेवायें-101- पूर्त प्रयोजनों के लिये दान-03- रामलीला के व्यय तथा मंदिरों एवं अन्य धार्मिक संस्थाओं के प्रबंध के लिये ऑल इंडिया काशीराज ट्रस्ट वाराणसी को सहायक अनुदान-20- सहायकअनुदान/अंशदान/राजसहायता   5,00,000/-

 

 (12) (क) रामलीला के व्यय तथा मंदिरों एवं अन्य धार्मिक संस्थाओं के प्रबंध के लिये ऑल इण्डिया काशी राज ट्रस्ट वाराणसी को रूपये पॉच लाख का अनुदान।

(ख) महारानी अहिल्याबाई होल्कर पुरस्कार योजना के अंतर्गत चयनित व्यक्ति को रू0 1.00 लाख ।

(ग) जीवन रक्षा पदक श्रृंखला के अंतर्गत पदक प्राप्तकर्ता को पदक की श्रेणी के अनुसार सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 5000/-, उत्तम जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 2000/-तथा जीवन रक्षा पदक हेतु रू0 1000/-। मरणोपरान्त पदक प्राप्त करने की स्थिति में उक्त धनराशियॉ दुगुनी हो जाती है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पदक प्राप्तकर्ता को वर्ष 2006 से मा0 मुख्यमंत्री जी की घोषणा के अंतर्गत रू0 1,00,000/- की धनराच्चि प्रदान की जाती है।

(घ) अशोक चक्र श्रृंखला के अंतर्गत अशोक चक्र हेतु रूपये 40,000/- एकमुश्त तथा रूपये 400/- वार्षिकी, कीर्ति चक्र हेतु रूपये 25,000/- एकमुश्त तथा रूपये 300/- वार्षिकी तथा शौर्य चक्र हेतु रूपये 10,000/- एकमुश्त तथा रूपये 200/- वार्षिकी प्रदान की जाती है।

(ड.) प्रादेशिक सेना डेकोरेशन तथा प्रादेशिक सेना दिवस मनाये जाने हेतु प्रादेशिक सेना को रूपये 22,000/- का अनुदान तथा प्रादेशिक सेना कार्मिकों को रू0 1500/- एकमुश्त अनुदान दिया जाता है।

(13) अनुदत्त रियायतों, अनुज्ञा पत्रों या प्राधिकारों के प्राप्तिकर्ताओं की विशिष्टियॉं नहीं हैं।

 (14) इलेक्ट्रानिक रूप में सूचना के संबंध में ब्यौरे उपलब्ध या धारित नहीं है।

(15) लोक उपयोग के लिये सामान्य प्रशासन विभाग में अनुरक्षित पुस्तकालय या वाचन कक्ष नहीं है।

(16) सामान्य प्रशासन विभाग एवं नियंत्रणाधीन कार्यालय में नामित जनसूचना अधिकारियों का विवरण :-

 

क्र0

पदनाम (जनसूचना अधिकारी)   

कार्यालय का पता       

दूरभाष (कार्यालय)

1.

उप सचिव

कक्ष-35, नवीन भवन,    

 0प्र0 सचिवालय।

2213851

2.

अनुभाग अधिकारी (लिंक)

138-, मुख्य भवन,

0प्र0 सचिवालय।      

2213207

 

  

                                                                                                                                  संलग्नक-1

जीवन रक्षा पदक श्रृंखला के पुरस्कारों के लिये प्रोफार्मा

(1) पूरा नाम (अंग्रेजी के बड़े अक्षरों में) :

(2) पूरा नाम (हिन्दी में) :

(3) जन्म की तारीख/आयु :

 (4) वर्तमान पता :

(5) स्थायी पता :

(6) घटना की तारीख :

 (7) जीवित बचाये व्यक्तियों की संख्या :

 (8) नजदीकी व्यक्ति का नाम और उससे संबंध : (केवल मरणोपरांत पुरस्कार के मामले में)

 (9) संस्तुत पुरस्कार 'अर्थात सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक अथवा जीवन रक्षा पदक :

(10) भारतीय स्टेट बैंक शाखा का नाम तथा कूट संख्या जहॉं डिमाण्ड ड्राफ्ट देय होगा :

(11) पूर्व में प्राप्त जीवन रक्षा पुरस्कारों, यदि कोई : पुरस्कार :

     हो, का ब्यौरा                                                     वर्ष :

 

प्रशस्ति पत्र

 (सिफारिश के लिये संक्षिप्त आधार)

यह एक राईटअप के रूप में होना चाहिये जिसमें जीवन रक्षक कार्य की सम्पूर्ण जानकारी (घटना क्रमवार) लगभग 200-250 शब्दों में दी जानी चाहिये ।

 (एक अलग शीट संलग्न की जानी चाहिये)

 'संस्तुत पुरस्कार का उल्लेख अवश्य ही किया जाना चाहिये ।

प्रमाण पत्र

           यह प्रमाणित किया जाता है कि (संस्तुत व्यक्ति का नाम) के चरित्र एवं पूर्ववृत्त का सत्यापन कर लिया गया है और इस पुष्टि की जाती है कि उनके खिलाफ कोई भी प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं मिली है ।

                                                                                 ( हस्ताक्षर )

                                                       सिफारिश करने वाले प्राधिकारी का नाम एवं पदनाम तारीख :