संख्या-ए-68/तीन-2006-7(9)/2005

प्रेषक,

                  कुॅंवर फतेह बहादुर,

                  सचिव,    

                  उत्तर प्रदेश शासन ।

सेवा में,

                  (1)       समस्त मण्डलायुक्त         

                                उत्तर प्रदेश।

                  (2)       समस्त जिलाधिकारी,

                                      उत्तर प्रदेश।

 

सामान्य प्रशासन अनुभाग                        लखनऊ : दिनांक : 08 फरवरी, 2006

 

विषय :  विदेशों को भेजे जाने वाले लीगल हेयरशिप' प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के संबंध में।

महोदय,

 

        विदेश में कार्यरत भारतीय नागरिक की मृत्यु के उपरान्त देयों को प्राप्त करने हेतु उत्तराधिकार प्रमाण पत्र शासन को सत्यापनार्थ प्रेषित किये जाते रहे हैं। इन प्रकरणों में के सत्यापन की प्रक्रिया हेतु न्याय विभाग का परामर्श प्राप्त किया गया, न्याय विभाग द्वारा दिये गये परामर्शानुसार इन प्रकरणों में विधिक रूप से निम्न औपचारिकताओं की पूर्ति आवश्यक है :-

 

    (1)    मृतक के द्वारा जोड़ी गयी चल सम्पत्तियों को प्राप्त करने के लिए इंडियन सक्सेशन अधिनियम के अन्तर्गत सक्षम न्यायालय (जनपद न्यायाधीश/ व्यवहार न्यायाधीश) से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, परन्तु उन प्रकरणों में जहां पर प्राप्त की जाने वाली धनराशि रू0 5,000/- से कम होती है अथवा ऐसे प्रकरण जहॉं किसी विभागीय कार्यवाही में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की आवश्यकता है ऐसे प्रमाण पत्र जिलाधिकारी द्वारा निर्गत किये जाते हैं।

    (2)    गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मैनुवल जो भारत सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी किया गया है, के खण्ड-63 अध्याय-5 में यह उल्लेख किया गया है कि यदि कोई गवर्नमेंट सिक्योरिटी का भुगतान एन्डोरसी के स्थान पर किसी   अन्य व्यक्ति द्वारा प्राप्त किया जा रहा है, तो उसे इंडियन सक्शेसन अधिनियम के अन्तर्गत सक्सेशन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा अथवा सक्षम न्यायालय द्वारा वसीयत के आधार पर प्रोवेट/लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन प्रस्तुत करना होगा। इसी खण्ड में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि मृतक हिन्दु विभाजित परिवार जो मिताक्षरा विधि से शासित होते हों उन्हें विरासत प्रार्थना पत्र अथवा प्रोवेट प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं है और उक्त स्थिति उत्तराधिकारी, जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित और जिलाधिकारी के न्यायालय की मुहर द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि सिक्योरिटी की धनराशि रू0 5,000/- से कम है,     तो उस स्थिति में  

मृतक के विधिक उत्तराधिकारी जिलाधिकारी के कार्यालय से उनकी मुहर व हस्ताक्षर के अन्तर्गत जारी किया गया प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर भुगतान प्राप्त कर सकते हैं। उक्त खण्ड में जिलाधिकारी द्वारा जारी किये गये प्रमाण पत्र का प्रारूप भी उल्लिखित है।

    (3)    जिलाधिकारी/अपर जिलाधिकारी द्वारा गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मैनुवल के इसी खण्ड में उल्लिखित प्राविधानों के आधार पर उत्तराधिकार/हेयरशिप प्रमाण पत्र जारी किये जा रहे हैं। यह प्रमाण-पत्र रू0 5,000/- से कम की धनराशि को प्राप्त करने तथा विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुत किये जाने के लिए जारी किये जाते हैं यदि इसके ऊपर किसी अन्य प्रयोजन के लिए अथवा रू0 5,000/- से अधिक की धनराशि प्राप्त की जानी हो तो उक्त स्थिति में सक्सेशन प्रमाण पत्र/प्रोवेट/लेटर ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र सक्षम न्यायालय से जारी किया गया ही विधिक प्रमाण पत्र होगा।

    (4)    गवर्नमेंट सिक्योरिटी मैनुअल में दिये गये प्राविधानों के अनुक्र में जिलाधिकारी लीगल हेयरशिप' प्रमाण-पत्र विभागीय कार्यवाही में प्रस्तुत किये जाने के लिए जारी कर सकते हैं और उसका प्रारूप भी मैनुअल में उल्लिखित है।

 

 

2-     इस संबंध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि सत्यापनार्थ प्राप्त होने वाले उत्तराधिकार प्रमाण-पत्रो को उपरोक्त प्रक्रिया के अनुसार समस्त विधिक औपचारिकताओं की पूर्ति होने के उपरान्त ही अपने स्तर से  परीक्षण/छान-बीन कर सन्तुष्ट होने पर उक्त प्रमाण-पत्रों को सत्यापित करने के पश्चात शासन के सत्यापनार्थ उपलब्ध करायें।  

 

                                                    भवदीय,

 

                                              कुॅंवर फतेह बहादुर                                                                                               सचिव।