E-Mail Contact Us Home

 

 

डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया का निर्धारण-

    विभिन्न जनपदों से शासन को स्थायी निवास प्रमाण-पत्र/डोमीसाईल प्रमाण-पत्र जारी किये जाने के बारे में मार्गदर्शन की अपेक्षा की जाती रही है। डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र जारी करने का प्रकरण राज्य सरकार का विषय है तथा एक निश्चित उद्देश्य, मुख्य रूप से शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश तथा रोजगार पाने आदि के लिए प्राप्त किया जाता है। मामले में पुनर्विचार करते हुए डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को सरलीकृत बनाये जाने हेतु शासन स्तर पर गम्भीरता से विचार किया गया तथा इस संबंध में पूर्व शासनादेशों दिनांक 18 जनवरी, 2000 एवं 15 फरवरी, 2000 को अतिक्रमित करते हुए नया शासनादेश दिनांक 18 फरवरी, 2003 निर्गत किया गया है, जिसमें उक्त प्रमाण-पत्रों के सम्बन्ध में मानदण्ड, प्रक्रिया तथा प्रारूप का निर्धारण किया गया है। प्रारूप संलग्नक-2 व 3 पर उपलब्ध है। तद्विषयक शासन में यह व्यवस्था दी गयी है कि डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र अधिकतर किसी शैक्षणिक संस्था में प्रवेश हेतु अथवा किसी सेवायोजन हेतु आवेदन करने के प्रयोजनार्थ जारी किया जायेगा एवं यह प्रमाण-पत्र इन्हीं प्रयोजनों के लिए मान्य होगा। सम्बन्धित जनपद के जिला मजिस्ट्रेट उनके द्वारा इस हेतु लिखित रूप से अधिकृत अपर जिला मजिस्ट्रेट/सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट यह प्रमाण-पत्र देने के लिए सक्षम अधिकारी होंगे। स्थायी निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदक द्वारा निर्धारित प्रारूप पर (संलग्न प्रारूप-1)(संलग्नक-2) प्रार्थना पत्र दो प्रतियों में देना होगा। उसी आवेदन पर यथास्थान सरकार के राजपत्रित अधिकारी या क्षेत्रीय संसद सदस्य, विधायक या अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत एवं राष्ट्रीयकृत बैंकों के शाखा प्रबन्धक में से किसी एक द्वारा सत्यापन पत्र संलग्न प्रारूप पत्र पर प्रार्थना-पत्र के साथ दो नवीनतम फोटो सहित आवेदन प्रस्तुत किया जायेगा। आवेदन-पत्र प्रस्तुत करने पर सक्षम प्राधिकारी या प्रमाण-पत्र निर्गत करने वाले अधिकारी का यह उत्तरदायित्व होगा कि आवेदन-पत्र प्राप्त होने के एक सप्ताह में जॉंच हेतु सम्बन्धित जांच अधिकारी/कर्मचारी को प्राप्त करा दिया जाये। इसके उपरान्त उनसे दो सप्ताह में जॉंच आख्या मंगा ली जाये तथा इसके एक सप्ताह के अन्दर सामान्य निवास सम्बन्धी प्रमाण-पत्र निर्गत करने का या उसकी जांच आपत्तियों को आवेदक को सूचित कर दिया जाये।

    डोमीसाईल/स्थायी निवास प्रमाण-पत्र प्राप्त करने हेतु इस तथ्य के प्रति संतुष्ट होना आवश्यक है कि आवेदक उस जनपद का मूल निवासी हो अथवा उसके माता-पिता उस जनपद के मूल निवासी हों अथवा वह उस जनपद में अस्थायी रूप से तीन वर्ष से निवास कर रहा हो।

    इस परिप्रेक्ष्य में आवेदक को कोई असुविधा होने पर अथवा प्रमाण-पत्र प्राप्त न होने पर आवेदक द्वारा प्रशासन स्तर पर सम्बन्धित मण्डलायुक्त, मा0 सांसद, मा0 विधायक, सम्बन्धित जनपद के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अथवा ब्लाक प्रमुख तथा शासन स्तर पर प्रमुख सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के यहां अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।    

       संलग्नक-2     

      संलग्नक-3

Related G.Os'

 
S.No.  संख्या दिनांक विषय
1.

157/तीन-2003-77(11)/83

 

18 फरवरी, 2003

डोमीसाईल/सामान्य निवास संबंधी प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने के संबंध में प्रक्रिया का निर्धारण।

 

 

E-mail

Contact Us

Sitemap

Site Designed & Maintained by 
National Informatics Centre, UP State Unit
Yojana Bhawan ,9 Sarojini Naidu Marg,  Lucknow


Disclaimer : Every effort has been made to ensure accuracy of data on this web site. However these need to be verified by and supplemented with documents issued finally by the General Administration Deptt., Govt. of U.P. NIC will not be responsible for any decision or claim that is based on the basis of displayed data. Please note that this page also provides links to the websites / WebPages of Government Ministries/ Departments/ Organisations. The content of these websites are owned by the respective organisations and they may be contacted for any further information or suggestion.This disclaimer is valid for all pages in this website.